sabse moti gaand ki Picture

Friday, March 29, 2013 | 1 comments

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Hindi Sex Story चुदाई

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दिवाली के दिन थे और गाँव में मेला लगा हुआ था. मेरे लिए यह बड़ा सही मौका था मेरी शादीसुदा गर्लफ्रेंड मीना भाभी को चोदने का. मीना को चोदना मुझे बहुत अच्छा लगता था और मीना थी ही ऐसी की उसे देख कर चोदन का मन हो जाता था. मीना हमारे पडोसी रामलाल की बहु थी और उसका पति सोनू एक नंबर का चरसी और जुआरी था. मीना जब से यहाँ शादी कर के आई थी उसने शायद दुःख ही देखा था, लेकिन उसका टाका मेरे से भीड़ गया था और हम दोनों के नसीब की चुदाई हम लोगो को मिल रही थी. मैंने सुबह ही जब मीना भाभी हगने के लिए खेत में गई थी तो उसे मंजू के हाथ लेटर भेज के शाम को खेतों पार आये मेले में मिलने के लिए राजी कर लिया था. मंजू जवाब ले के आई थी की मीना भाभी आएंगी लेकिन मुझे उसने वही पिली शर्ट डाल के आने को बोला था जिसे पहन के मैं पहली बार उसके सामने आया था.
मेले में मैंने मीना भाभी को बुलाया – चुदाई के लिए


वैसे मुझे चुदाई का सुख मीना भाभी दे देती थी लेकिन आज का मौका कुछ अलग ही था क्यूंकि सोनू को शक हो जाने के वजह से पिछले एक महीने से चुदाई का प्रबंध नहीं हो पा रहा था और मुझे लंड हिलाते हिलाते अब गुस्सा आने लगा था. मैंने अपने दोस्त हरेश को पहले ही बोल दिया था की मैं मीना को लेके उसके गेहूं के खेत में आउँगा. हरीशने मुझे हा कह दी थी. आज शाम भी साली शाम तक आई ही नहीं, मेरा लंड अभी से मीना की चूत की तलब लगाये बैठा था, अरे क्या रसीली चूत रखती थी…..! और सब से अच्छे तो उसके स्तन थे…यह बड़े बड़े और गोल गोल…मैंने कई बार इन स्तन के निपल के साथ लंड को रगड़ रगड़ के अपना वीर्य इन स्तन के उपर छिड़का था. शाम होते ही मैं अपनी पिली शर्ट और जेब में एक सरकारी दवाखाने से मिली कंडोम डाल के निकल पड़ा. मीना भाभी और सोनू के शारीरिक सबंध नहीं थे इसलिए वो माँ बन गई तो बाप की खोज होने का पुरेपुरा डर था, इसी कारण मेरे बच्चो को मैं हमेशा कंडोम में छुपा लेता था.

करीब 6 बजे होंगे और मैं मीना भाभी की आस देखता हुआ मेले के स्थल के प्रवेश के करीब ही खड़ा हुआ था. तभी मुझे दूर से मीना भाभी और उनकी सहेली संगीता आते हुए दिखे. शायद अकेला आना मुश्किल था इसलिए मीना संगीता को ले आई थी. संगीता भी गाँव की गिनीचुनी रंडियों में से एक थी, वह कितनी बार दोपहर को हगने के बहाने खेतों की गलियों में जाती थी और लंड ले कर तृप्त होती थी. संगीता और मीना भाभी को मैंने दूर से ही इशारा किया और मैं मेले से निकल के दाहिनी तरफ आये हरेश के खेत की तरफ चल दिया. हरेश का खेत वही पास में था और एक मिनिट में तो मैं वहाँ पहुँच गया. मैंने देखा की हरेश ने अपने नौकर भोलू को भी भगा दिया है, ताकि मैं आराम से मीना भाभी को चोद सकूँ. मैंने मुड के देखा और यह दोनो उधर ही आ रही थी. मीना की चूत को मारने के ख्याल से ही मेरा लंड तना हुआ था, मैंने घर से निकलते वक्त ही वायेग्रा की गोली ले ली थी उसका असर अब दिखने लगा था क्यूंकि धोती के किनारे से मेरा 8 इंच का लंड फडफड करता खड़ा हो चूका था.
खेत में ही मैंने चुदाई का इरादा बनाया था

दोनों जैसे ही आई मैंने मीना को इशारा किया और हम दोनों पशुओ के खाने के लिए रखे घास के ढेर की तरफ चल दिए. वहाँ जाते ही मैंने अपनी धोती और पिली कमीज उतार दी. मीना के ब्लाउज और उसकी साडी भी खुल चुकी थी, बेचारी गरीब थी इसलिए ब्रा-पेंटी तो इसके किस्मत में थी ही नहीं. मेरा खड़ा लंड देख के मीना भी उतावली हो चुकी थी और उसने मुझे वही घास के पुलों के ढेर पर फेंका. मेरा लंड मीना के हाथ में इधर उधर होने लगा और फिर लंड को मस्त सांत्वना मिली जब मीना ने उसे मुहं में भर लिया, मैंने मीना से कहा…”भाभी बहुत दिन के बाद आई हो आज हाथ में, जरा देर तक करेंगे….!”

तभी ढेर के दुसरे तरफ ससे हसने की आवाज आई, हम दोनों ने देखा की संगीता वहाँ छुप कर हमें देख रही थी…वह खड़ी हुई और जाने लगी, मैंने आवाज दी….”आ जाओ अब देख लो…कलाकार तो तुमने देख ही लिए है, ड्रामा भी देख के ही जाओ!”

मीना हंस पड़ी और उसने भी संगीता को इशारा किया आने के लिए, मीना अपने होंठ मेरे कान के पास लाइ और बोली, “केशव..तूम इसे भी साथ में क्यों चोद नहीं देते…वैसे भी तुम्हारा लंड मुझे बहुत पेलता है…चलो आज तीनो मिल के चुदाई कर लेते है.”
दोनों भाभी ने मेरा लंड मस्त चूसा

मैंने संगीता की तरफ एक नजर उठा के देखा, उसकी गांड और स्तन किसी भेंस के बावले जितने बड़े थे और उसने शायद अभी तक इतने लंड ले लिए थे की उसकी चूत अब भोसड़ी बन चुकी थी. मैंने सोचा चलो ऐसे भी वायेग्रा खाई हुई है…इसकी चूत को भी सुख दे देता हूँ. संगीता जैसे आई मीना भाभी ने उसे कुछ इशारा किया और वह सीध्र ही अपने कपडे उतारने लगी, शायद यह दोनों रंडियां मेरे लंड को भोगने का प्लानिंग कर के आई थी. मैंने भी इन दोनों चुतो को लंड से फाड़ देने का इरादा बना लिया. एक बार फिर से मेरा लंड मीना के मुहं में चला गया और संगीता अपने कपडे पुरे उतार के मेरे पास लेट गई. सुके घास की ढेर में हम तीनो एक देसी थ्रीसम की तरफ बढ़ने लगे थे. मैंने संगीताके चुंचे रगड़ने चालू कर दिए और उसकी छाती और कंधे पर किस करी. मीना इधर लंड को गले तक घुसा घुसा के चूस रही थी और उसके मुहं से ग्गग्ग्ग ग्गग्ग्ग ग्गग्ग्ग ऐसी आवजे निकल रही थी. तभी संगीता भी उठ खड़ी हुई और वह भी लंड के पास जा पहुंची, उसने मीना से लंड अपने हाथ में लिया और लंड ने भाभी बदल दी. मेरा लंड बारी बारी दोनों चूसने लगी और कभी कभी तो लंड को दोनों एक साथ दो तरफ से चूस रही थी.
मीना और संगीता दोनों को चोद दिया

मेरे लंड पर थूंक की जैसे के नदी बह रही थी लेकिन वाएग्रा असरदार साबित हुई थी वरना इतनी चूसन के अंदर तो गधे का लंड भी वीर्य छोड़ देता. मीना मेरी तरफ लालच भरी नजर से देखने लगी और मैं समझ गया उसे चूत की सर्विस करवानी है. मैंने अपनी शर्ट की जेब से कंडोम निकाला और उसे पहनने वाला था की संगीता वहाँ आ गई और उसने लंड के अग्रभाग को और जोर से एक मिनिट चूसा. लंड पूरा लाल लाल हो चूका था लेकिन वह अडग खड़ा हुआ था. मैंने कंडोम डाला और मीना भाभी को वही टाँगे खोल के लिटा दिया. मीना की देसी चूत के अन्दर मैंने एक ही झटके के अंदर लंड पेल दिया और उसकी आह आह आह उह ओह खुले खेत में गूंजने लगी. संगीता हमारे सामने बैठी थी और उसकी दो उंगलियाँ चूत के अंदर थी. वह उन्हें बहार निकाल कर मुहं में डालती थी और वापस चूत के अंदर करती थी.मेरा लंड झटके दे दे कर मीना को पेले जा रहा था. संगीता ने मुझे आँख मार दी और मैं समझ गया की वह भी लंड की प्रतीक्षा में है. मैंने मीना की चूत में अब एक्स्प्रेक्स की झड़प से लंड अन्दर बहार करना चालू कर दिया और उसके सिस्कारे अब हलकी हलकी चीखों में तबदील होने लगे थे वह चीख रही था….ओह ओह आ मम्मी…मर गई…केशव धीरे करो..आह आह आह…ओह मम्मी….!
आखरी मोर्चा गांड में खेला गया

मैंने उसकी दो मिनिट और चुदाई की थी और मीना भाभी की चूत का तेल निकल गया. संगीता अब वहाँ कुतिया बन के उलटी लेट गई और मैंने हल्के से लंड मीना की चूत से निकाल के संगीता की चूत में भर दिया. संगीता की चूत सही में पूरी ढीली थी और डौगी में चोदने की वजह से लंड पूरा अंदर तक जा रहा था. मैंने हाथ आगे कर के उसके दोनों स्तन पकड लिए और उसे जोर जोर से लंड परोने लगा. संगीता की चूत ढीली जरुर थी लेकिन शायद उसे भी इतने लम्बे लंड का सुख नहीं मिला था तभी तो वो भी…केशव केशव..अहह आह्ह ओह ऐसी आवाजे निकाल रही थी….मेरा लंड अभी भी लोहे के जैसा कडक था. अब तक वह दो भाभी की चूत का तेल निकाल चूका था. मीना की गांड में लंड दिए काफी वक्त हुआ था, यह सोच के मैंने लंड के उपर से कंडोम हटाया और मीना की तरफ गया..मीना समझ गयी क्यूंकि में उसकी गांड में हमेशा कंडोम के बिना लंड देता था, वह गांड को ऊँची कर के कुतिया जैसे लेटी. मैंने गांड के छेद के उपर थूंक दिया और लंड धीमे से अंदर किया, थोड़ी ही देर में कूदकूद के मीना भाभी की देसी गांड मारता रहा, मीना चीखती रही और उसकी गांड फटती रही. संगीता को मैंने इशारा कर के पास बुलाया और उसके चुन्चो से मस्ती चालू कर दी. दोनों भाभी को तृप्ति मिल चुकी थी मेरे जाड़े लंड से और लंड को शांति मिलनी बाकी थी. तभी मेरा लंड जैसे की पूरा हिला और उसके मुख से एक छोटी कटोरी भर जाए उतना वीय निकला. आधा वीर्य मीना भाभी की गांड में रहा और बाकी का बूंदों के रूप में बहार आ गया……हम तीनो खेत से कपडे पहन के मेले में गए और फिर मैं चुपके से अपने घर की और चला गया.

अब तो दोनों भाभी अपनी चूत मुझे दे देती है, मैं मीना भाभी का सुक्रगुजार हूँ की वह उस दिन संगीता को साथ ले आई और मुझे चुदाई का और एक विकल्प मिल गया…..!!! मित्रो आप को यह कहानी कैसी लगी

THE ONCE EVERY ONE WANT 2

Thursday, March 28, 2013 | 1 comments






THE ONCE EVERY ONE WANT

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BEAUTIFUL AND SEXY DESI BABEZ

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खङा लँड दिखा कर चोदा chudai ki hindi sex story with lund picture

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paysa lund hindi sex stories
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बात सर्दियों के दिनों की हैं !मैं गुडगाँव की एक बहु-राष्ट्रीय कम्पनी
में साक्षात्कार देने के लिए गया था।साक्षात्कार के समय पर मेरी मुलाकात
जन सम्पर्क अधिकारी स्वाति से हुई। उसकी शोर्ट स्कर्ट देख कर ही मेरा
लण्ड खड़ाहो रहा था ! मैं पागलों की तरह बस उसकी चूचे और गांड को देख रहा
था। उसकी गांड और चूचों को देख कर मेरा लण्ड एकदम तन गया था। मैंने टांग
के ऊपर टांग रख कर उसे दबाने की कोशिश की पर लण्ड बैठने का नाम नहीं ले
रहा था। तभी मेरा नाम बोला गया। मैंने सामान्य होने की कोशिश करते हुए
अंदर प्रवेश किया पर मेरा खड़ा हुआ लण्ड साफ़ दिखाई दे रहा था और स्वाति
की निगाह अब मेरे लण्डपर लग चुकी थी।
गुड मॉर्निन्ग मैडम कह कर मैं लण्ड को छुपाते हुए कुर्सी पर बैठ गया। मैं
स्वाति से निगाह नहीं मिला पा रहा था। निगाह ना मिलाने का एक कारण उसकी
चूचियाँ थी जिसकी वज़ह से मेरा लण्ड बैठने का नाम नहीं ले रहा था।
पर स्वाति शायद लण्ड की प्यासी थी, उसने मुझसे कहा- आप को बैठने के लिए
किसने बोला था?
मैंने कहा- माफ़ करें मैडम ! मैं मजबूर हूँ !
उसने मुझे खड़े होने के लिए कहा और खुद भी अपनी सीट से खड़ी हो गई। लेकिन
मैं खड़ा नहीं हुआ। अबवह खड़ी होकर मेरे लण्ड को निहाररही थी। ऐसा लग रहा
था कि वो लण्डसे खेलना चाहती थी। मैंने हाथ सेलण्ड को नीचे कर दोनों
टांगों केबीच में लण्ड को दबा लिया। अब मैं अपने आप को सुरक्षित महसूस कर
रहा था और उसी दशा में मैं सीधा खड़ा भी हो गया। उसने मेरा नाम पूछा और
कहा- तुम क्या छिपाने की कोशिश कर रहे हो?
भगवान ने इसे छुपाने के लिए नहींबनाया है।
मैं उसकी बात सुनकर सकपका गया औरमेरा चेहरा शर्म से लाल हो गया, मैंने
कहा- कुछ नहीं मैडम !
उसके बाद मैं सामान्य हो गया पर स्वाति के मन में कुछ और था और वहखुल कर
बोलने लगी- तुम लण्ड क्यों छुपा रहे हो?
मैं ऐसा सुन कर मन ही मन में सोचने लगा- आज तो भगवान मुझ पर मेहरबान हैं !
मैंने कहा- मैडम, आपकी चूची और गांड को देखकर मेरा लण्ड खड़ा होगया है और
अब यह बैठने का नाम नहीं ले रहा है ! और आप इन्टरव्यूलेने की बजाए मुझे
छेड़ रही हैं !बस इसी वज़ह से मैं ना तो आपसे निगाह मिला पा रहा हूँ और
लण्ड को छुपा रहा हूँ। असल में मैंने आपको जब टेस्ट के समय देखा था तभी
से भगवान से प्रार्थना कर रहा था कि आपकी चूत मारने का मौका दिलवा दे !
स्वाति ने कहा- मुझे तुम्हारी निडरता अच्छी लगी।
तब मैंने कहा- और मेरा लण्ड
उसने कहा- तुम उतने शरीफ नहीं होजैसा मैं सोच रही थी। तुम काफ़ी शरारती
हो ! तुम इस नौकरी के लिय चुन लिए गए हो ! आज शाम 11 बजे मुझे इस पते पर
मिलो !
मैं फूला नहीं समा रहा था और मुझे वो कहावत याद आ रही थी- जब भगवान देता
है तो छप्पर फ़ाड़ करदेता है !
मैंने धन्यवाद मैडम ! कह कर स्वाति से हाथ मिलाने के बहाने उसकी चूची पर
चुटकी भर दी और वह चहुंक उठी। वो कौन सी पीछे रहने वाली थी, उसने आगे
बढ़कर सीधा लण्ड को पकड़ कर सहला दिया।.मैं सावधानी बरतते हुए जल्दी से
वहाँ से निकललिया और बस रात का इंतज़ार करने लगा।
आखिर रात भी आ गई और मैं उसके बताये स्थान पर पहुँच गया। उसने नाईटी पहन
रखी थी और वह घर पर अकेली थी। वो अपनी सहेली के साथ कमरे में रहती थी।
उसकी सहेली बाहर पार्टी में गई थी। उसकी नाईटी में से सब कुछ साफ़ साफ़
दिख रहा था। दरवाजे पर ही उसने मुझे चूमना शुरू कर दिया। मैंने भी उसका
पूरा साथ दिया और जम कर उसके होंठों को चूसा और एक हाथ से दरवाजा बंद कर
दिया।
और अब धीरे-2 उसके चूचे दबाने लगा। इतनी ठण्ड होने के बावजूद हम दोनों
गरमाने लगे थे। धीरे-2 दोनों नंगे हो गए। स्वाति पहले से खेली-खाई लग रही
थी और वह सीधा लण्ड को पकड़ कर चूसने लगी।मैं भी उसके बालों को पकड़ कर
उसके मुँह को अपने लण्ड से चोदनेलगा। 30-35 झटकों के बाद मैं उसके मुँह
में झड़ गया। मुझे अपनी किस्मत पर यकीन नहीं हो रहाथा कि सुबह मैं जिसकी
चूत मारना चाह रहा था, वो अब मेरे लण्ड को चूस रही है. थोडी देर बाद ही
मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया और इस बार में उसके स्तन मुँह में लेकर चूस
रहा था और हाथ से उसकी चूत के दाने को रगड़ रहा था।
स्वाति एकदम गरम हो चुकी थी और कह रही थी- अब मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा
है, मेरी चूत को चोद दो !
मैंने भी उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया, अपने लण्ड को उसकी चूत के छेद
पर लगा कर सीधा जोर लगाया और आधा लण्ड उसकी चूत में घुस गया। उसकी चूत
कसी थी और उस झटके से उसके मुँह से चीख निकल गई। मैंने उसके मुँह पर हाथ
रख कर उसे रोका। थोड़ी देर में ही उसे मजा आने लगा और गांड हिला-2 कर खुद
चुदने लगी। धीरे-2 मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी। उसके मुँह से
आह ऊह्ह आः उछ स सी की आवाज़ निकलरही थी। ुझे अब अनुभव हो रहा था कि धरती
पर कही स्वर्ग है तो चूत मारने में ही है।
करीब 25-30 झटकों में वो और मैंदोनों एक साथ झड़ गये और काफी देर तक एक
दूसरे से लिपटे रहे। कुछ देर बाद फिर से हम दोनों एक दूसरे को वासना भरी
नजरों से देखरहे थे।
इस बार मेरी निगाह उसकी गांड पर थी पर वो इससे अनजान थी। मैंने ढेर सारी
क्रीम लेकर उसकी मस्तानी गाँर की छेद पर मलने लगा. मुझे ऐसा करते देख, वो
चुदास भरी नजरोँ से देखते हुए पूछी- ये क्या कर रहे हो राजा? उसने कहा-
मैंने अभी तक गांड नहीं मरवाई है।
मैंने कहा- अब मरवाओ ना!
इतना कह कर मैंने लण्ड का सुपाराउसकी गांड के छेद पर लगाया और हल्का सा
धक्का लगाया। सुपारा छेद में चला गया। गांड बहुत ज्यादा तंग थी। दर्द के
साथ-2 बहुत मजा आ रहा था। वह भी दर्द केमारे अ आ या ऊह रहने दो ! चिल्ला
रही थी।
थोड़ी देर में ही वह सामान्य हो गई और उसे भी मजा आने लगा। अब मैंभी पूरा
लण्ड उसकी गांड में बार बार अंदर-बाहर कर रहा था। काफी देर तक चुदाई करने
के बाद मैं उसकी गांड में झड़ गया। इस तरह उसकी गांड और चूत की चुदाई
पूरी रात चलती रही।
आप सभी को मेरी यह कहानी कैसी लगी मुझे जरूर मेल करें!
sauravk832@gmail.com.
खङा लँड दिखा कर चोदा chudai ki hindi sex story with lund picture

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